दस साल बाद भी फार्मेसी प्रोफेशन अधिनियम नहीं हुआ लागू, भुगत रहे मरीज
अल्मोड़ा। फार्मेसी प्रोफेशन रेगुलेशन अधिनियम 2015 दस वर्ष बाद भी लागू नहीं हो पाया है। इसका सीधा असर जन स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। मरीजों को अतार्किक, ओवरडोज, असंगत दवाओं के कारण शारीरिक और आर्थिक क्षति झेलनी पड़ रही है।
हेल्थकेयर सिस्टम में फार्मासिस्ट का मुख्य कार्य चिकित्सक के मरीज को दिए गए प्रिस्क्रिप्शन को रिव्यू कर अतार्किक, ओवरडोज, असंगत दवाओं से उनके स्वास्थ्य को सुरक्षित रखना और काउंसलिंग करना है। मरीज को दवाओं के सेवन के तरीकों, साइड इफेक्ट्स की जानकारी देना भी है। इसलिए इस वर्ष के विश्व फार्मासिस्ट दिवस की थीम है थिंक हेल्थ, थिंक फार्मासिस्ट है।
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