केदारनाथ यात्रा में नया कीर्तिमान, आपदा से निपटने को प्रशासन पूरी तरह तैयार : डीएम विशाल मिश्रा, दयारा बुग्याल हादसे से सबक, ट्रैकिंग रूटों पर बढ़ी निगरानी

 केदारनाथ यात्रा में नया कीर्तिमान, आपदा से निपटने को प्रशासन पूरी तरह तैयार : डीएम विशाल मिश्रा, दयारा बुग्याल हादसे से सबक, ट्रैकिंग रूटों पर बढ़ी निगरानी




 विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा इस वर्ष नए रिकॉर्ड स्थापित कर रही है। यात्रा शुरू होने के कुछ ही सप्ताहों में श्रद्धालुओं की संख्या साढ़े 11 लाख के पार पहुंच चुकी है। बाबा केदार के दर्शन के लिए देश-विदेश से उमड़ रही आस्था की इस अभूतपूर्व भीड़ के बीच रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाने में पूरी क्षमता के साथ जुटा हुआ है।


रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने विशेष बातचीत में बताया कि यात्रा संचालन से लेकर आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता व्यवस्था और विकास कार्यों तक हर मोर्चे पर प्रशासन चौबीसों घंटे सक्रिय है।


पुराने पैदल मार्ग पर रोक क्यों? डीएम ने बताया कारण,,


रूद्रप्रयाग। 


जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने स्पष्ट किया कि पुराने केदारनाथ पैदल मार्ग पर वर्तमान में श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रतिबंधित की गई है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर अभी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और कई स्थानों पर ट्रैक अत्यधिक संवेदनशील एवं जोखिमपूर्ण बना हुआ है। उन्होंने कहा, "यात्रियों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। जब तक पुराने मार्ग पर सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित नहीं हो जातीं और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता, तब तक वहां आवाजाही की अनुमति नहीं दी जाएगी।" 


आपदा के लिए बनाए गए हेलीपैड पर अतिक्रमण, प्रशासन सख्त,,

रूद्रप्रयाग। 

डीएम ने बताया कि नए केदारनाथ पैदल मार्ग पर आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए बनाए गए हेलीपैडों पर अतिक्रमण की शिकायतें मिली हैं।


उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपदा या आपात स्थिति में राहत कार्यों में बाधा न आए।

दयारा बुग्याल हादसे से सबक, ट्रैकिंग रूटों पर बढ़ी निगरानी,,

रूद्रप्रयाग। उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल क्षेत्र में हुई घटना के बाद रुद्रप्रयाग प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि वन प्रभाग केदारनाथ एवं वन प्रभाग रुद्रप्रयाग को निर्देश दिए गए हैं कि सभी ट्रैकिंग रूटों पर जाने वाले ट्रैकर्स का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए। उन्होंने कहा कि जिले में अनेक ट्रैकिंग रूट हैं जहां लगातार पर्यटकों और ट्रैकर्स की आवाजाही रहती है। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।

मानसून और आपदा सीजन को लेकर हाई अलर्ट पर प्रशासन,,

रूद्रप्रयाग। आगामी मानसून और संभावित आपदा सीजन को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। डीएम विशाल मिश्रा ने बताया कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग और अन्य कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। संवेदनशील स्थलों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है तथा किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार रखी गई है। उन्होंने कहा, "यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार और सतर्क है।"

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