प्रेमिका ने ही प्रेमी को मरवाने की रची साजिश ! पांच लाख रुपए की सुपारी, 1.20 लाख रुपए एडवांस… पुलिस ने खोला पूरा राज
राजधानी देहरादून के पटेल नगर थाना क्षेत्र के बड़ोवाला में बैंककर्मी सत्यम कुमार पर हुई फायरिंग के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि सत्यम की पूर्व प्रेमिका ही हत्या की साजिश की मास्टरमाइंड थी। आरोप है कि दूसरी युवती से सगाई करने से नाराज प्रेमिका ने सत्यम को रास्ते से हटाने के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी प्रेमिका समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है।
पुलिस के मुताबिक, 11 सितंबर को दोनों शूटरों के दोबारा देहरादून आने की सूचना मिली। गोरखपुर चौक पर चेकिंग के दौरान संदिग्ध बाइक सवार पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो चाय बागान की पगडंडी के पास बदमाश बाइक छोड़कर जंगल की ओर भागने लगे और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में अंकित चौहान के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी लक्सर निवासी अंकुर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। डिजिटलकैलेंडर चुनें
पूछताछ में पुलिस के सामने कथित तौर पर पूरी प्रेम कहानी और सुपारी की साजिश सामने आई। पुलिस के अनुसार घायल आरोपी अंकित ने बताया कि रानीपुर निवासी मोहित के माध्यम से उसकी मुलाकात ज्वालापुर निवासी मालिया रहमान से हुई थी। आरोप है कि मालिया के कहने पर अंकित ने अपने साथी अंकुर के साथ सत्यम की हत्या की कोशिश की। इसके लिए पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ था और 1.20 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे। पुलिस जांच के अनुसार मालिया और सत्यम वर्ष 2020 से संपर्क में थे और दोनों के बीच करीब पांच साल तक प्रेम संबंध रहा। वर्ष 2023 में मालिया ने परिवार के दबाव में शादी कर ली, लेकिन सत्यम से उसका संपर्क जारी रहा। बाद में उसका विवाह टूट गया
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2025 में सत्यम देहरादून आ गया। फरवरी 2026 में उसने किसी दूसरी युवती से सगाई कर ली। इसके बाद सत्यम ने मालिया से दूरी बनानी शुरू कर दी और सोशल मीडिया पर भी उसे ब्लॉक कर दिया। आरोप है कि इससे नाराज मालिया ने सत्यम की हत्या की साजिश रची। पुलिस के अनुसार उसने अंकित को सत्यम की फोटो और उसके देहरादून स्थित बैंक कार्यालय की जानकारी उपलब्ध कराई। इसके बाद 8 सितंबर को अंकित और अंकुर ने बड़ोवाला में सत्यम पर फायरिंग कर दी।
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद सुपारी की बची हुई रकम लेने के लिए अंकित और अंकुर दोबारा देहरादून आए थे। इसी दौरान पुलिस ने उनका पीछा किया और मुठभेड़ के बाद अंकित को गिरफ्तार कर लिया।


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