प्रवासी पंचायत में रिवर्स पलायन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर जोर
प्रवासियों से किया संवाद, गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत करने के लिए दिए सुझाव
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग, उत्तराखंड द्वारा प्रदेशभर में प्रवासी पंचायतों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को जनपद रुद्रप्रयाग में प्रवासी पंचायत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एस.एस. नेगी ने की।
प्रवासी पंचायत का मुख्य उद्देश्य अपने मूल गांवों से पलायन कर विभिन्न क्षेत्रों में निवास कर रहे प्रवासियों से संवाद स्थापित करना, उन्हें राज्य सरकार की रिवर्स पलायन एवं स्वरोजगारपरक योजनाओं की जानकारी देना तथा गांव लौटकर आजीविका एवं उद्यमिता से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करना रहा। इस दौरान प्रवासियों से उनके अनुभव, समस्याएं और सुझाव भी प्राप्त किए गए।
कार्यक्रम में आयोग के सदस्य श्री रामप्रकाश पैन्यूली, श्री सुरेश सुयाल एवं श्रीमती रंजना रावत, सदस्य सचिव श्री ए.के. राजपूत, वरिष्ठ शोध अधिकारी श्री जी.पी. लखेड़ा, मुख्य विकास अधिकारी श्री राजेंद्र सिंह रावत सहित विभिन्न रेखीय विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वरोजगार से जुड़कर गांवों को आर्थिक केंद्र बनाने पर जोर
उपाध्यक्ष डॉ. एस.एस. नेगी ने कहा कि प्रवासी पंचायतों के माध्यम से ऐसे प्रवासियों से संवाद किया जा रहा है, जो आजीविका के लिए अपने मूल गांव से पलायन कर कस्बों, शहरी क्षेत्रों अथवा राज्य से बाहर रह रहे हैं और अपने गांव लौटकर उद्यमिता अथवा स्वरोजगार शुरू करने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने कहा कि प्रवासियों के सफल अनुभवों को साझा करने से अन्य लोगों को भी अपने मूल गांव में आजीविका के अवसर तलाशने और स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विभागों के माध्यम से स्वरोजगार एवं आजीविका से जुड़ी अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रवासी पंचायतों के माध्यम से इन योजनाओं की जानकारी प्रवासियों तक पहुंचाने के साथ ही उनके सुझावों को भी प्राप्त किया जा रहा है, ताकि रिवर्स पलायन को प्रभावी रूप से बढ़ावा दिया जा सके।
ग्रामोत्सव और स्थानीय आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने का सुझाव
आयोग के सदस्य श्री रामप्रकाश पैन्यूली ने ग्राम स्तर पर ग्रामोत्सव जैसे कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से प्रवासियों को अपने गांवों से जोड़ने तथा गांवों में सकारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
आयोग के सदस्य श्री सुरेश सुयाल ने युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत को आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने रेखीय विभागों के समन्वित सहयोग से ग्रामीणों और ग्राम पंचायतों को सहकारिता से जोड़ने का सुझाव दिया।
आयोग की सदस्या श्रीमती रंजना रावत ने कहा कि स्वरोजगार और नए आजीविका अवसरों को बढ़ावा देना रिवर्स पलायन की मूल अवधारणा को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि गांवों में आजीविका के पर्याप्त साधन विकसित होने से लोगों को अपने मूल स्थान पर ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
विभिन्न योजनाओं की दी गई जानकारी
आयोग के सदस्य सचिव श्री ए.के. राजपूत ने ग्राम्य विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM G), मनरेगा, मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना, रीप आदि योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी निरंतर कार्य किया जा रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी श्री राजेंद्र सिंह रावत ने प्रवासियों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार की स्वरोजगार एवं पलायन निवारण योजनाओं का अधिकतम लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रवासी पंचायत के माध्यम से प्राप्त सुझावों को विकास योजनाओं में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।
प्रवासियों ने साझा किए अनुभव और सफलता की कहानियां
प्रवासी पंचायत में जनपद के विभिन्न विकासखंडों से आए प्रवासियों ने अपनी सफलता की कहानियां, अनुभव एवं समस्याएं साझा कीं। साथ ही गांवों में स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर विकसित करने तथा पलायन रोकने को लेकर आपस में परिचर्चा की गई।
कार्यक्रम में विभिन्न रेखीय विभागों के अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभागों की स्वरोजगारपरक योजनाओं एवं शासकीय सहायता की जानकारी उपलब्ध कराई गई। उपाध्यक्ष डॉ. एस.एस. नेगी ने विभागीय अधिकारियों से अपेक्षा की कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अधिक से अधिक पात्र लोगों को उनका लाभ दिलाया जाए, ताकि योजनाओं की जानकारी के अभाव में होने वाले पलायन पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके और प्रवासियों के सहयोग से गांवों की अर्थव्यवस्था एवं विकास को नई गति मिल सके।
महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र महेश प्रकाश, जिला उद्यान अधिकारी आर.पी. जसोला सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।


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